ग़ैरहाज़िर होने पर #VijayMallya को सज़ा नहीं सुना सकते, सुप्रीम कोर्ट

माल्या का नसीब भी मालिक ने माल यानी मनी से लिखा हुआ है। माल्या ने बता दिया कि भगोड़े ज़रूरी नहीं कि दुनिया की नज़र से छुपते फिरें। अभी अभी आयी ख़बर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को सज़ा देने के मामले में हाथ खड़े कर लिए हैं। सुप्रीम कोर्ट का माल्या, मेरा मतलब है मानना है कि वह लिकर बैरन यानी कि दारु सम्राट को एक कंटेम्प्ट केस में सज़ा नहीं सुना सकता क्यूंकि महाशय कोर्ट में उपस्थित नहीं हैं।

कहने का तात्पर्य ये है कि जब तक माल्या इंग्लैंड में छुट्टियां मना रहे हैं उनके आराम में कोई भी खलल नहीं डाल सकता। मुझे संदेह है कहीं सुप्रीम कोर्ट की तरफ से मिलने वाली इस रियायत का ताल्लुक उस देशभक्ति से तो नहीं है जो उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम को UK में चीयर करते समय दिखाई थी। खैर वजह जो भी हो, सज़ा कोई नहीं है।

गौरतलब है कि इस निर्णय के बाद सरकार ने कहा है कि वह माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर British Crown Court में गुहार लगा चुकी है और इसके मतल्ल्क कार्यवाही 4 दिसम्बर 2017 से शुरू होगी और ख़त्म कब होगी ये तो स्वयं माल्या ही बता सकते हैं। पता नहीं कब नौ मन तेल होगा और माल्या माफ़ कीजियेगा राधा नाचेगी। खैर फिलहाल तो हम उन्हें चोर चोर बोल कर ही हो खुश हो लेते हैं।

आइये देखते हैं इस विषय पर ट्विटर की क्या प्रतिक्रिया है:

 

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